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Businessbhaskar.com - 24/12/2010

सिप पोर्टफोलियो को बनाएं बेहतर

अपने निवेशकों से हमें आमतौर पर यह सवाल सुनने को मिलता है कि- 'मैं प्रति माह इतने हजार रुपये बचा सकता हूं। मैं इन रुपयों को सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (सिप) के जरिए म्यूचुअल फंडों में निवेश करना चाहूंगा। कृप्या मुझे ऐसे कुछ फंडों के बारे में सलाह दें। ऐसे सवाल सुनकर बेहद प्रसन्नता होती है क्योंकि म्यूचुअल फंडों में सुनियोजित निवेश हमारी बचत को उपयोगी निवेश उपकरणों में बदलने का बेहतरीन रास्ता है। आइए जानते हैं कि एक बेहतर सिप पोर्टफोलियो किस प्रकार बनाया जा सकता है।

१- सबसे पहले, परिसंपत्ति आवंटन की नीति तय कर लें। यहां परिसंपत्ति आवंटन से मेरा मतलब है कि किस तरह के म्यूचुअल फंड में प्रति माह कितना पैसा जाना है। पहली नजर में ऐसा करना आपको थोड़ा मुश्किल लग सकता है लेकिन आप तीन तरह के फंडों पर फोकस कर इसे बेहद आसान बना सकते हैं। ये फंड हैं- लार्ज-कैप फंड, स्मॉल/मिड कैप फंड और ऋण फंड। आपके लिए बेहतर होगा कि लार्ज-कैप ओरिएंटेड फंडों में परिसंपत्ति का ५०प्रतिशत, स्मॉल/मिड कैप फंड में २०-३०प्रतिशत और बाकी को ऋण फंडों में लगाएं। स्थिर और बेहतर रिटर्न पाने के लिए, प्रत्येक एसआईपी पोर्टफोलियो में ऋण फंड जरूर होने चाहिए। अगर आपका पोर्टफोलियो दीर्घावधि के लिए एक आक्रामक पोर्टफोलियो है तो ऋण फंडों में आपका मासिक निवेश २०-२५प्रतिशत का हो सकता है।

२- दूसरी बात, आप अपने पोर्टफोलियो में योजनाओं की संख्या सुनिश्चित कर लें। आपके पोर्टफोलियो में कम से कम तीन योजनाएं होनी चाहिए। ध्यान रखें कि अपने पोर्टफोलियो में ७ या ८ से ज्यादा योजनाएं न होने दें। इससे अधिक योजनाओं के होने पर आपके पोर्टफोलियो को ट्रैक करना और उसका प्रबंधन मुश्किल हो सकता है। आदर्श तौर पर, एक पोर्टफोलियो में पांच योजनाएं होनी चाहिए- जिनमें से चार इक्विटी स्कीमें और एक ऋण योजना हो।

३- तीसरी बात, यह तय कर लें कि अपने पोर्टफोलियो में आपको किस तरह की योजनाएं शामिल करनी हैं। यह आपके पोर्टफोलियो की डिजाइनिंग का यह अंतिम भाग है। एक बार आपको यह पता लग गया कि आपको किस तरह की योजनाओं की दरकार है और आपकी जरूरत के मुताबिक कितनी तरह की योजनाएं हैं तो आपके लिए यह चरण बेहद आसान हो जाएगा।

चलिए एक आसान सा उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए कि आप अगले ३-५ वर्षों के लिए म्यूचुअल फंड योजनाओं के एक मध्यम जोखिम पोर्टफोलियो के अंतर्गत प्रति माह १०,००० रुपये निवेश करना चाहते हैं। हम ७०प्रतिशत इक्विटी, ३०प्रतिशत ऋण पोर्टफोलियो तय करते हैं। हम लार्ज-कैप ओरियंटिड फंड में ५०प्रतिशत आवंटन और स्मॉल-मिड कैप ओरिएंटेड फंड में २०प्रतिशत आवंटन तय कर सकते हैं। हमें दो लार्ज-कैप ओरिएंटेड योजनाओं (२,५०० रुपये प्रत्येक), एक स्मॉल/मिड कैप योजना (२००० रुपये) और एक ऋण योजना (३००० रुपये) में निवेश की जरूरत होगी।

एसआईपी पोर्टफोलिया का नमूना:
हम देखते हैं कि इनमें से प्रत्यके श्रेणी के लिए हम टॉप रेटिड फंडों में से दो फंड चुन सकते हैं। डीएसपी ब्लैकरॉक टॉप १००, एचडीएफसी टॉप २००, बिड़ला सनलाइफ फ्रंटलाइन इक्विटी और रिलायंस रेग्युलर सेविंग फंड- इक्विटी जैसे लार्ज-कैप ओरिएंटिड फंडों, आईसीआईसीआई डिस्कवरी और डीएसपी ब्लैकरॉक स्मॉल मिडकैप फंडों और ऋण फंडों के लिए टेंपलटन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम फंड में से चुन सकते हैं। इन सभी को साथ में रख एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाना बेहद आसान हो जाता है। ऐसे पोर्टफोलियो के जरिए एक नियमित, सुनियोजित निवेश का रास्ता काफी सरल हो जाता है और निवेशक अपनी मासिक बचत को शानदार निवेश पोर्टफोलियो के जरिए बेहतर ढंग से निवेश कर बेहतरीन रिटर्न पा सकते हैं।

श्रीकांत मीनाक्षी -लेखक फंड्सइंडियाडॉटकॉम के निदेशक हैं